Shiv Shakti

रुक्मणी ने कन्हैया से पूछा स्वामी आप अपने मित्र सुदामा को देखकर इतने भाव और क्यों हो गए तो द्वारकाधीश ने कहा

रुक्मणी ने कन्हैया से पूछा स्वामी आप अपने मित्र सुदामा को देखकर इतने भाव और क्यों हो गए तो द्वारकाधीश ने कहा और जैसे ही द्वारकाधीश ने तीसरी मुट्ठी चावल उठा कर फाँक लगानी चाही, रुक्मिणी ने जल्दी से उनका हाथ पकड़ कर कहा, “क्या भाभी के लाये इन स्वादिष्ट चावलों के स्वाद का सारा […]

जब राहु और मंगल नवें घर में

जब राहु और मंगल नवें घर में वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली के नवें घर से गुरु, देवता, भाग्य, उत्तम कर्म, जंघा, ग्रैंडसन का विचार करें | इसे त्रिकोण और भाग्य भाव भी कहा जाता है | और विस्तार से बात करें तो धर्म में रूचि, लम्बी दूरी की यात्रा , उच्च शिक्षा, अध्यात्म एवं […]